Yamunotri Dham ropeway Project : उत्तराखंड सरकार ने यमुनोत्री धाम में रोपवे के लिए समझौता किया.
Yamunotri Dham ropeway Project : उत्तराखंड सरकार ने यमुनोत्री धाम में रोपवे के लिए समझौता किया.

Yamunotri Dham ropeway Project : उत्तराखंड सरकार ने यमुनोत्री धाम में रोपवे के लिए समझौता किया.

Yamunotri Dham ropeway Project : परियोजना यात्रा के समय को 2-3 घंटे से घटाकर 20 मिनट कर देगी।

Yamunotri Dham ropeway Project : उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को खरसाली में जानकी चट्टी से यमुनोत्री धाम तक 3.38 किलोमीटर रोपवे बनाने का अनुबंध किया। 166.82 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह रोपवे यात्रा के समय को वर्तमान मैं लगने वाले 2-3 घंटे से घटाकर सिर्फ 20 मिनट कर देगा। वर्तमान में तीर्थयात्रियों को खरसाली से लेकर यमुनोत्री धाम तक पहुंचने के लिए 5.5 किमी की चढ़ाई करनी पड़ती है।

Yamunotri Dham ropeway Project : अनुबंध पर उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के द्वारा दो निजी निर्माण कंपनी, अर्थात् एसआरएम इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट FIL इंडस्ट्रीज प्रा लिमिटेड के साथ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए थे।

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के पूरा होने से यमुनोत्री धाम सीधे अपने शीतकालीन गंतव्य खरसाली से जुड़ जाएगा.

“इस रोपवे परियोजना के पूरा होने से न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी बल्कि इसके साथ साथ रोजगार सृजन के एवं क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास भी होगा। मैं इस परियोजना से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और उत्साहपूर्ण प्रयासों से अब यह पूरा होने जा रहा है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह परियोजना मां यमुनोत्री देवी के ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन धामों को आपस में जोड़ेगी और उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं का एक और अध्याय खोलेगी।

इस सप्ताह के प्रारंभ में, केंद्र ने बहुप्रतीक्षित परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी थी।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगभग 3,291 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर यमुनोत्री मंदिर आमतौर पर चार धाम यात्रा का पहला पड़ाव होता है। अभी ट्रेक जानकीचट्टी से प्रारंभ होता है। खतरनाक माना जाने वाला इस रास्ता पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी सुरक्षित नहीं है क्योंकि उन्हें इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

Yamunotri Dham ropeway Project : पर्यटन विभाग की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, रोपवे मोनो-केबल डिटेचेबल प्रकार का होगा। इसका निर्माण फ्रांस एवं स्विटजरलैंड के प्रतिष्ठानों की तर्ज पर यूरोपीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। एक कोच में यात्रियों को ले जाने की जो क्षमता होगी वह आठ यात्रियों की होगी एवं एक घंटे के आधार पर 500 पर्यटकों को ले जाया जा सकता है। परियोजना को सार्वजनिक-निजी-साझेदारी (पीपीपी) मोड पर उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा निष्पादित किया जाएगा।

Yamunotri Dham ropeway Project : “राज्य सरकार ने हमेशा पर्यटन को बढ़ावा देने को प्राथमिकता दी है एवं इस तरह शेष भारत और विदेशों से आने वाले तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। संपूर्ण यमुनोत्री रोपवे परियोजना के अंतर्गत पार्किंग, आवासीय व्यवस्था, रेस्टोरेंट आदि का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है। निचला टर्मिनल खरसाली में 1.787 हेक्टेयर में बनाया जाएगा, जबकि यमुनोत्री धाम में ऊपरी टर्मिनल 0.99 हेक्टेयर में बनाया जाएगा।